उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा (तिब्बत) को जोड़ने वाला ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे आज तीसरे खुल पाया। हाईवे के खुलने के बाद सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ ही सीमा पर तैनात आईटीबीपी व सेना के वाहनों की आवाजाही भी शुरु हो गई है। मलारी हाईवे पर शुक्रवार सुबह लाता के पास मलबा आने से यातायात बंद हो गया था। इससे सीमांत क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। सीमा क्षेत्र में तैनात सेना और आईटीबीपी के वाहनों का अवागमन भी ठप हो गया।
शुक्रवार पूरे दिन हाईवे खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा आने से हाईवे को खेला नहीं जा सका। वहीं शनिवार को भी बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने जेसीबी से मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। वहीं, आज तीसरे दिन दोपकर करीब तीन बजे हाईवे खुल गया है। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह बुटोला ने बताया कि पहाड़ी से बार-बार मलबा आने से उसे खोलने में दिक्कत आ रही थी। आवागमन बंद होने से लोग परेशान थे।
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