ऑपरेशन सिंदूर के बाद सक्रिय हुआ पाकिस्तान, हथियार और हेरोइन भेजकर पंजाब को अशांत करने की साजिश

अमृतसर/जालंधर:- ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की ओर से हथियार और हेरोइन भेजकर पंजाब को अशांत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विदेश में बैठे आतंकियों व गैंग्सटरों की मदद ली जा रही है। पाकिस्तान के इस षड्यंत्र को बीएसएफ और पंजाब पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर नाकाम बनाने में जुटे हुए हैं। सीमा पर तैनात किया गया एंटी ड्रोन सिस्टम भी हथियारों की तस्करी रोकने में काफी कारगर साबित हुआ है।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पाकिस्तान के साथ लगते जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का में सुरक्षा के कड़े उपाय किए गए हैं। इन जिलों में बीएसएफ की सात कंपनियां तैनात की गई हैं। डीजीपी सोमवार को अमृतसर और जालंधर के दौरे पर दोनों िजलों की सुरक्षा की समीक्षा करने आए थे। गौरव यादव ने कहा कि आइएसआइ पंजाब को अशांत करने के लिए गैंगस्टरों को भी संरक्षण दे रही है। यही नहीं, विदेश में बैठे गैंग्सटरों और आतंकियों की मदद से राज्य में बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब पुलिस केंद्र की सहायता से विदेश में बैठे गैंग्सटरों व आतंकियों को भारत लाने के प्रयास में जुटी है। दुबई से प्रत्यर्पित कर लाया गया आतंकी पलविंदर सिंह उर्फ पिंदी इसी का हिस्सा है। डीजीपी ने कहा कि अब कुख्यात आतंकी हैप्पी पशियां को भी भारत लाए की तैयारी की जा रही है।

विभाग में 150 इंस्पेक्टर, 450 सब इंस्पेक्टर और एक हजार से ज्यादा एएसआइ को पदोन्नति दी जा रही है। इस दौरान एजीटीएफ के चीफ प्रमोद बान, काउंटर इंटेलिजेंस के इंचार्ज अमित प्रसाद मौजूद थे। बाढ़ की आड़ में भी मादक पदार्थों, हथियारों की तस्करी ऑपरेशन सिंदूर के बाद आइएसआइ किस तरह पंजाब को अशांत करने के लगातार प्रयास कर रही है, इसका पता इस बात से चलता है कि सितंबर महीने में ही सीमा पार से आए आठ हैंड ग्रेनेड, 1.700 किलो आरडीएक्स। 81 पिस्तौलें और ढाई हजार के करीब कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा भारी मात्रा में हेरोइन भी बरामद की गई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस विभाग में अगले वर्ष 3,400 कांस्टेबल की भर्ती की जाएगी। त्योहारों में पुलिस की 50 कंपनियां सुरक्षा में तैनात डीजीपी ने बताया कि राज्य में त्योहारों के दौरान लोगों की सुरक्षा सुिनश्चित करने के लिए पुलिस की 50 कंपनियां तैनात की गई हैं।

अपराधियों के बारे में जानकारी देने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-330-1100 भी जारी किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस हेल्पलाइन नंबर पर अपराधियों की तुरंत जानकारी दें। पुलिस का सहयोग करने वाले व्यक्ति का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हाल के दिनों में कई आतंकी माड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एक साल में पंजाब पुलिस ने आइएसआइ की ओर से आतंकियों की मदद से पंजाब को अशांत बनाने के 26 से अधिक प्रयासों को विफल किया है। उन्होंने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के बारे में बताया कि 31,000 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से रिकॉर्ड 87 प्रतिशत आरोपितों को सजा भी दिलाई गई है। यह दर पूरे देश में सबसे अधिक है।

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