देश-विदेश

पाकिस्तान ने खुद खोली पोल, UNSC में TRF का नाम हटवाने का किया दावा

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान खुद आतंकवादी संगठनों के साथ अपने साठगांठ की पोल दुनिया के सामने खोल रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने सीनेट में दिए गए बयान में कहा कि यह पाकिस्तान का दबाव ही था कि लश्कर-ए-ताइबा के मुखौटा संगठन संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का नाम पहलगाम आतंकी हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के बयान से हटाया गया। टीआरएफ ने ही पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि बाद में अपने बयान से मुकर भी गया था।

पाकिस्तान मौजूदा समय में सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है। सुरक्षा परिषद के निंदा प्रस्ताव के लिए सभी सदस्यों की सहमति जरूरी है। डार ने बताया कि अमेरिका ने पहलगाम हमले की निंदा करने के लिए प्रस्ताव रखा था। जब उन्हें प्रस्ताव की प्रति मिली तो उस पर पहलगाम लिखा था और हमले के लिए द रेजिस्टेंस फ्रंट का नाम लिया गया था। उन्होंने कहा कि हमने इस पर विरोध जताया और कहा कि पाकिस्तान तब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक पहलगाम के साथ जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र नहीं किया जाता और टीआरएफ का नाम हटाया नहीं जाता। डार ने कहा कि उन्होंने 2 दिन तक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। उन्हें दुनियाभर के नेता यह कहते रहे कि निंदा प्रस्ताव न आने से पाकिस्तान के ऊपर आरोप आएगा। इसके बावजूद वह अपने दावे पर अड़े रहे। आखिरकार पाकिस्तान के दबाव में प्रस्ताव में बदलाव किया गया और फिर यूएनएससी ने 25 अप्रैल को बयान जारी किया लेकिन बयान में टीआरएफ का जिक्र नहीं किया गया था। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आतंकियों को समर्थन और प्रशिक्षण देने की बात कबूल की थी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा था कि पिछले तीन दशक से पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन और प्रशिक्षण दे रहा है। हालांकि उन्होंने इसका दोष अमेरिका और पश्चिमी देशों पर मढ़ दिया।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हम तीन दशकों से अमेरिका और ब्रिटेन सहित पश्चिम के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं। यह एक गलती थी और पाकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। अगर हम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होते और 9/11 के हमले नहीं होते तो  पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेदाग होता।

गौरतलब है कि बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैयबा के संगठन टीआरएफ के आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया। साथ ही भारत ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद राजनयिक और कूटनीतिक कार्रवाई जारी रखी हैं।

Uttarakhand Jagran

हम आपके आस-पास की खबरों और विचारों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। हम सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए देश और समाज से जुड़ी खबरें और सूचनाएं परोसेंगे। हमारी टीम डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन प्रकाशन का काम करती है। संपर्क - गोवर्धन प्रसाद मनोरी मोबाइल नंबर - +91-9548276184

Recent Posts

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ का बड़ा आदेश — 48 घंटे में हटें स्वामी राम भद्राचार्य के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जगतगुरु स्वामी राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति…

6 months ago

नगर विकास मंत्री एके शर्मा का सख्त रुख — “सरकारी जमीन का एक इंच भी नहीं रहेगा कब्जे में”

बरेली में मजार की आड़ में अवैध तरीके मार्केट बनाने के सवाल पर नगर विकास…

6 months ago

दीपावली से पहले दून में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस ने नया ट्रैफिक प्लान जारी किया

आगामी धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और गोवर्धन पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और…

6 months ago

यूकेएसएसएससी परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला, जांच रिपोर्ट सौंपी गई मुख्यमंत्री धामी को

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला…

6 months ago

‘कांतारा चैप्टर 1’ के फैंस का थिएटर में दैव रूप में प्रवेश, सोशल मीडिया पर बंटा रिएक्शन

'कांतारा चैप्टरा 1' फिल्म दर्शकों को काफी प्रभावित कर रही है। रिलीज के पहले दिन…

6 months ago

सोनिया गांधी का बयान: मुख्य न्यायाधीश पर हमला लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुए हमले की विपक्षी…

6 months ago