प्रदीप कुर्बाह ने रचा इतिहास, 47वें मास्को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और फिल्म निर्माता प्रदीप कुर्बाह ने 47वें मास्को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दो बड़े अवॉर्ड्स जीते हैं। उनकी फिल्म ‘हा लिंग्खा बेनग’ ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता और कुर्बाह को खुद सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि ये पुरस्कार नेटवर्क फॉर प्रमोशन ऑफ एशियन सिनेमा (एनईटीपीएसी) की तरफ से दिए गए।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने निर्देशक कुर्बाह को इस कामयाबी के लिए बधाई दी है। कुर्बाह की में तारीफ मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस में कुर्बाह की कामयाबी मेघालय के सभी लोगों के लिए फख्र की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फिल्म के लिए कुर्बाह को 30 लाख रुपये की मदद दी है। कुर्बाह बेहतरीन फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने राज्य की स्थानीय प्रतिभा और यहां की खूबसूरती को पर्दे पर दिखाया।

अवॉर्ड हासिल करने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए, कुर्बाह ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी खुशी का इजहार किया। उन्होंने लिखा ‘मैं अभिभूत, विनम्र और कृतज्ञता से भरा हुआ हूं। ‘हा लिंग्खा बेनग’ ने 47वें मास्को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता है। यह कहना कि सपना सच हो गया है, मेरे हिसाब से गलत होगा।’ उनका मतलब था कि वह और अच्छी फिल्में बनाएंगे। 2014 में राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले कुर्बाह ने इस पुरस्कार को मेघालय के लोगों को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम बात यह है कि यह मेघालय, उसके लोगों, उसकी कहानियों और उसकी भावना के लिए है। स्थानीय सिनेमा के प्रति आपका समर्थन ही हमें सपने देखने, जोखिम उठाने और जरूरी कहानियां बताने के लिए प्रेरित करता है। यह पुरस्कार आपका भी है।’

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