दिल्ली :- संसद में वक्फ संशोधन बिल पास किये जाने के विरोध में दिल्ली में शुक्रवार को कई जगह प्रदर्शन हुए। पुलिस ने भी इसको लेकर पहले से ही तैयारी कर रखी थी। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर से लेकर जामा मस्जिद के बाहर तक पुलिस का सख्त पहरा रहा। जामिया मिल्लिया में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के छात्र नेताओं ने ‘हम वक्फ संशोधन विधेयक को अस्वीकार करते हैं’ लिखी तख्तियां लेकर बिल का विरोध किया।
जामा मस्जिद के बाहर मौजूद लोगों ने बिल के विरोध में कहा कि यह सरकार एक धर्म के खिलाफ काम कर रही है। अल्पसंख्यकों और दलितों पर आज अत्याचार हो रहा है। इनकी जमीन छीनी जा रही है। अगला नंबर दूसरे धर्मों के लोगों का है। यह जमीनें जो छीनी जाएंगी वह उद्योगपतियों को सौंपी जाएगी।
वक्फ संशोधन विधेयक-यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट एम्पावरमेंट एफिशिएंसी एंड डवलपमेंट (उम्मीद) पर 13 घंटे की लंबी चर्चा के बाद बृहस्पतिवार देर रात 2:30 के बाद राज्यसभा ने भी अपनी मुहर लगा दी। लोकसभा की तरह उच्च सदन ने भी विपक्ष के सभी संशोधन प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिए। हालांकि, द्रमुक के तिरुचि शिवा का संशोधन 92 के मुकाबले 125 मतों से खारिज हो गया। इससे पहले, लोकसभा ने बुधवार रात करीब 1.56 बजे वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पारित कर दिया। विधेयक के पक्ष में 288, जबकि विरोध में 232 मत पड़े। विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई। विधेयक अब हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति के पास जाएगा और सरकार की ओर से अधिसूचित होते ही कानून का रूप ले लेगा।



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