देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 62वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल शहर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के प्रयासों का परिणाम है, बल्कि प्रत्येक देहरादूनवासी की जागरूकता और सहभागिता का भी प्रमाण है।
पिछले वर्ष देहरादून की रैंकिंग 68वीं थी, जबकि इस बार यह छह स्थान ऊपर चढ़ते हुए 62वें पायदान पर पहुंच गया है। साथ ही, शहर को इस बार 7614 अंक प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 1000 अंकों से अधिक का सुधार दर्शाता है (2023 में 6579 अंक)। यह सुधार न सिर्फ आंकड़ों में बल्कि शहर की सड़कों, गलियों और जनचेतना में भी साफ नजर आता है।
इस उपलब्धि ने देहरादून को एक बार फिर उत्तर भारत के प्रमुख स्वच्छ शहरों की सूची में मजबूती से खड़ा कर दिया है।
इस बदलाव की पृष्ठभूमि में जो पहलें रहीं, वे थीं:
- हर घर से ठोस और तरल कचरे का संग्रहण
- नागरिकों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान और वर्कशॉप्स
- स्वच्छता एप्प, GPS ट्रैकिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग जैसे तकनीकी नवाचार
- सैकड़ों स्वच्छता स्वयंसेवकों और सफाई कर्मचारियों की समर्पित भूमिका
- फीडबैक, मूल्यांकन और निगरानी की कड़ी प्रणाली
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने क्या कहा:
“यह रैंकिंग सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह देहरादूनवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता और शहर के प्रति उनके प्रेम का प्रमाण है। हम सबने मिलकर यह साबित कर दिया कि अगर जनसहयोग हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य अब यहां नहीं रुकना है। हम देहरादून को देश के शीर्ष 10 स्वच्छ शहरों में शामिल करना चाहते हैं। इसके लिए आने वाले महीनों में और सघन प्रयास किए जाएंगे।”
शहर में जश्न और गर्व का माहौल
शहर की इस उपलब्धि से देहरादूनवासियों में गर्व और उत्साह का माहौल है। सफाई कर्मचारी से लेकर अधिकारियों तक, हर कोई इस रैंकिंग को अपनी मेहनत और निष्ठा का फल मान रहा है। लोगों का कहना है कि अब वे न सिर्फ खुद स्वच्छता में भाग लेंगे, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।


+ There are no comments
Add yours