बिहार :- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार रंग ला रही है। गृह मंत्रालय द्वारा नक्सल समस्या समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय किए जाने के बाद, बिहार के औरंगाबाद जिले में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गए हैं। इसी सिलसिले में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम को रविवार को बड़ी सफलता मिली। मदनपुर थाना क्षेत्र में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने देसी कारबाईन, एक खाली मैगजीन और 90 मीटर कोडेक्स वायर बरामद किया।
मदनपुर में प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ-2) अमित कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई थी। सीआरपीएफ की कोबरा-205 बटालियन के सहायक समादेष्टा सुभाष यादव और अपर पुलिस अधीक्षक अभियान दिवेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस और कोबरा की टीम ने छकरबंधा इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
सहया और अंजनवा पहाड़ के बीच एक छोटी पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इनमें एक देसी कारबाईन, एक खाली मैगजीन और आईईडी ब्लास्ट में इस्तेमाल होने वाली कोडेक्स वायर की खेप शामिल थी। पुलिस और सुरक्षा बलों की यह हालिया सफलता पिछले अभियानों की कड़ी में तीसरी बड़ी कामयाबी है। कुछ दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने एक कारबाईन, कारतूसों का जखीरा और आधा दर्जन अत्यधिक शक्तिशाली प्रेशर आईईडी बम बरामद किए थे। सभी आईईडी को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया।
एसडीपीओ अमित कुमार ने कहा कि नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार छापामारी और सर्च अभियान जारी हैं। पुलिस और केंद्रीय बलों की कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल काफी गिरा है। सर्च ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा जब तक नक्सलियों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।



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